October 17, 2021

बुंदेलखंड की राजनीति में सनसनी, अपने-अपने जिलाध्यक्षों के बचाव में उतरी सपा और बसपा

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ललितपुर
पिता व सपा-बसपा जिलाध्यक्ष समेत 28 लोगों पर रेप दर्ज होते ही बुंदेलखंड की राजनीति में सनसनी मच गई है। सपा जिलाध्यक्ष के भाइयों समेत मुल्जिम बनने के विरोध में पहुंचे सपा नेता पॉक्सो एक्ट में फंस गए हैं। उन्होंने ज्ञापन में पीड़िता का नाम उजागर कर दिया था। हालांकि ज्ञापन बसपा ने भी दिया पर उसमें किशोरी का नाम नहीं लिखा गया। उधर इस घिनौने कांड से शासन भी चौकन्ना हो गया है। पल पल की रिपोर्ट मांगी जा रही है। एसपी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो शासन एसआईटी भी गठित कर सकता है।

भाजपा की साजिश, सीबीआई जांच हो : सपा
किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपित बनाए गए सपा व बसपा के जिलाध्यक्षों के बचाव में पार्टी मैदान में उतर आई है। बुधवार को समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन कर एसपी व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने इस भाजपा की साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की। वहीं, बसपा ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी की भी गिरफ्तारी न की जाए।कोतवाली सदर क्षेत्र निवासी एक किशोरी ने अपने पिता, सपा जिलाध्यक्ष, उनके भाइयों व नगर अध्यक्ष, बसपा जिलाध्यक्ष व जिला उपाध्यक्ष समेत 28 लोगों के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। केस दर्ज होते ही राजनीतिक दलों में भूचाल आ गया। पार्टी जिलाध्यक्षों सहित अन्य पदाधिकारियों को बचाने के लिए सपा व बसपा ने प्रदर्शन करते हुए बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। स्टेशन रोड स्थित जिलाध्यक्ष के आवास से सपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पैदल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां एसपी निखिल पाठक से दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बकौल सपा नेता, उन्होंने एसपी से सीबीसीआईडी, सीबीआई सहित किसी भी एजेंसी से मामले की जांच कराने के लिए कहा। कहा गया, सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव एडवोकेट की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से किशोरी ने राजनीतिक विरोधियों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। भाजपा नेता उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। तिलक व उनके भाइयों अरविन्द, महेन्द्र, राजू व पार्टी पदाधिकारियों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने चार चिकित्सकों के पैनल से किशोरी का पुन: चिकित्सीय परीक्षण, नार्को टेस्ट कराने व उसकी मां के मोबाइल फोन की एक माह की कॉल डिटेल निकालकर जांच की मांग उठाई। सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट गए। यहां उप जिलाधिकारी को अवगत कराया। दोनों अफसरों को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।

जांच तक नहीं की जाए गिरफ्तारी: बसपा
किशोरी से दुष्कर्म के हाईप्रोफाइल मामले में बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक अहिरवार व जिला उपाध्यक्ष नीरज तिवारी पर लगे आरोपों पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। बसपा पदाधिकारियों ने अफसरों को बताया कि यह राजनीतिक षड्यंत्र प्रतीत हो रहा है। उन्होंने खुद को अनुशासित संगठन का सदस्य बताते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जब तक पड़ताल पूर्ण नहीं हो जाए तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए।

तमाम आरोपितों के फोन बंद
मुकदमा दर्ज होने के बाद खुद को निर्दोष बता रहे तमाम आरोपितों के मोबाइल फोन पुलिस की जांच शुरू होते ही बंद हो गए। आरोपित बनाए गए चर्चित चेहरों को फोन कर हकीकत जानने के लिए लोगों ने प्रयास किया लेकिन फोन बंद होने से उनकी बातचीत नहीं हो सकी।