August 12, 2022

शिमला: सड़क पर उतरे किसान-बागवान, सेब कार्टन पर जीएसटी का जताया विरोध

Spread the love

शिमला
शिमला में किसानों-बागवानों ने अपनी मांगों को लेकर ढाई किलोमीटर तक पैदल मार्च किया। पहले नवबहार से लेकर छोटा शिमला तक आक्रोश रैली निकाली और फिर राज्य सचिवालय का घेराव किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया।

पुलिस से धक्‍का-मुक्‍की
अभी भी प्रदर्शनकारी संजौली-शिमला मार्ग पर सचिवालय के पास रैली में डटे हुए हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारी बेरिकेड्स पर चढ़ गए और उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इस प्रदर्शन में किसानों बागवानों के अलावा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वामपंथी संगठनों के लोगों ने भाग लिया। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि आंदोलन गैर राजनीतिक संगठनों के बैनर तले किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जानबूझकर शिमला में मौजूद नहीं रहे क्योंकि अफसरशाही नहीं चाहती है कि बागवानों के मुद्दे पर बातचीत की जाए।

उन्होंने कहा कि जो लोग पर्दे के पीछे सरकार से मिलकर बागवानों के हितों की बोली लगा रहे हैं वह बागवान हितैषी नहीं हैं। प्रदर्शन में 27 संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सरकार ने बात तक करना उचित नहीं समझा। प्रदर्शन में सभी विचारधाराओं के लोग शामिल हैं। वह खुद 32 वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं। जब तक 20 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के कानों पर जूं नहीं रेंगती है। मुख्यमंत्री ने जिन मुद्दों पर घोषणा की थी वह धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि अब आंदोलन और तेज होगा। सेब सीजन के बावजूद प्रदेशभर के किसान बागवान शिमला पहुंचे। राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अब अगला प्रदर्शन राज्य विधानसभा के बाहर हो सकता है।